
डिप्लोमा-प्राप्त विशेषज्ञ द्वारा सूई एक्यूपंक्चर, इलेक्ट्रो-एक्यूपंक्चर एवं एक्यूप्रेशर। शरीर के ऊर्जा-बिंदुओं को सक्रिय कर दर्द व स्नायु-रोगों का उपचार किया जाता है — बिना दवा, बिना ऑपरेशन।
उपचार कैसे होता है
पहली बैठक में रोग का इतिहास, दर्द का स्वरूप और पहले हुई जाँचों को देखकर बिंदुओं का चयन किया जाता है। सूइयाँ अत्यंत महीन होती हैं — अधिकांश रोगियों को चुभन नहीं, केवल हल्का दबाव महसूस होता है।
- सूई एक्यूपंक्चर — चयनित बिंदुओं पर 20–30 मिनट के लिए महीन सूइयाँ
- इलेक्ट्रो-एक्यूपंक्चर — सूइयों पर अत्यंत हल्का विद्युत-प्रवाह, पुराने व गहरे दर्द में उपयोगी
- एक्यूप्रेशर — बिना सूई के, केवल दबाव द्वारा — बच्चों व सूई से डरने वाले रोगियों हेतु
कितनी बैठकें लगती हैं
सामान्यतः सप्ताह में 2–3 बैठकें, और रोग की अवधि के अनुसार कुल 10 से 20 बैठकें। पुराने रोगों में अधिक समय लग सकता है। हर 5 बैठकों के बाद प्रगति की समीक्षा की जाती है।
इन रोगों में उपयोगी
