
लक्षण
घुटने के रोगी प्रायः बताते हैं:
- सीढ़ी उतरते समय दर्द (चढ़ने से अधिक कष्टकर)
- देर तक बैठने के बाद उठते समय जकड़न, जो कुछ क़दम चलने पर कम होती है
- घुटना मोड़ते समय "कट-कट" की आवाज़
- घुटने में सूजन व गरमाहट, विशेषकर अधिक चलने के बाद
- ज़मीन पर पालथी मारकर बैठने या शौचालय में बैठने में कठिनाई
यदि घुटना अचानक बहुत सूज जाए, बहुत लाल व गरम हो, या बुख़ार के साथ दर्द हो — तो यह संक्रमण या गठिया का तीव्र आक्रमण हो सकता है; तुरंत चिकित्सक को दिखाएँ।
आरोग्यम् में उपचार कैसे होता है
परामर्श में यह देखा जाता है कि दर्द घिसाव (ऑस्टियोआर्थराइटिस) के कारण है या यूरिक एसिड या रुमेटॉइड जैसी किसी अन्य स्थिति से जुड़ा हुआ — क्योंकि उपचार व आहार दोनों में अंतर आ जाता है।
एक्यूपंक्चर
घुटने के आसपास व दूरस्थ बिंदुओं पर सूइयाँ लगाकर दर्द व जकड़न घटाने का प्रयास किया जाता है। सूजन अधिक होने पर बैठकों की तीव्रता कम रखी जाती है।
वज़न-प्रबंधन
चलते समय घुटने पर शरीर के वज़न से कई गुना भार पड़ता है — इसलिए कुछ किलो की कमी भी दर्द में उल्लेखनीय अंतर लाती है। एम.एससी. (खाद्य पोषण) योग्यता के अनुसार क्रमिक, टिकाऊ आहार-योजना दी जाती है।
सुरक्षित अभ्यास
घुटने के लिए सबसे उपयोगी अभ्यास जाँघ की मांसपेशी (क्वाड्रिसेप्स) को मज़बूत करने वाले हैं, जो लेटकर या बैठकर किए जाते हैं। गहरी उकड़ूँ बैठक व घुटने मोड़कर बैठने वाले आसन टाले जाते हैं।
आहार
यूरिक एसिड बढ़ा हो तो आहार में विशेष परिवर्तन आवश्यक होते हैं; सामान्य ऑस्टियोआर्थराइटिस में सूजन घटाने वाला संतुलित आहार सुझाया जाता है।
उपचार में प्रयुक्त पद्धतियाँ
