
लक्षण
कमर दर्द के रोगी प्रायः बताते हैं:
- कमर के निचले भाग में जकड़न या खिंचाव, विशेषकर सुबह
- देर तक बैठने, गाड़ी चलाने या खड़े रहने पर दर्द का बढ़ना
- झुकने या वज़न उठाने पर अचानक तेज़ दर्द
- एक ओर की मांसपेशी में गाँठ जैसा कड़ापन
- दिन के अंत तक थकान के साथ दर्द का बढ़ना
यदि दर्द के साथ पैर तक फैलती टीस हो तो साइटिका या स्लिप डिस्क की जाँच आवश्यक है। बिना कारण वज़न घटना, रात में बढ़ने वाला दर्द या बुख़ार के साथ कमर दर्द — इनकी चिकित्सकीय जाँच अवश्य कराएँ।
आरोग्यम् में उपचार कैसे होता है
परामर्श में दर्द का स्थान, आपका काम, बैठने-सोने की मुद्रा तथा पहले हुई जाँचें देखी जाती हैं। इसी से यह अलग होता है कि दर्द मांसपेशीय है या नस से जुड़ा हुआ।
एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर
कमर की जकड़ी हुई मांसपेशियों के बिंदुओं पर सूइयाँ या दबाव — इससे ऐंठन ढीली होती है और गति लौटती है।
योग चिकित्सा
कमर के लिए सबसे उपयोगी अभ्यास पेट व कूल्हे की मांसपेशियों को मज़बूत करने वाले हैं, न कि आगे झुककर खिंचाव देने वाले। आपकी स्थिति के अनुसार सुरक्षित अभ्यास चुनकर घर की योजना बनाई जाती है।
मुद्रा-सुधार
कुर्सी की ऊँचाई, कमर के पीछे सहारा, वज़न उठाने का ढंग, तथा हर घंटे उठकर टहलना — यही परिवर्तन दर्द की पुनरावृत्ति सबसे अधिक घटाते हैं।
वज़न व आहार
पेट के आसपास बढ़ा वज़न कमर पर सीधा भार डालता है। आवश्यकता होने पर क्रमिक आहार-योजना दी जाती है।
उपचार में प्रयुक्त पद्धतियाँ
