
लक्षण
ये रोग प्रायः चुपचाप बढ़ते हैं। इन संकेतों पर ध्यान दें:
- लगातार थकान, दिन में नींद आना
- अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब, बिना कारण वज़न घटना (मधुमेह)
- सिर के पिछले भाग में भारीपन, चक्कर (रक्तचाप)
- कमर के आसपास बढ़ता वज़न, साँस फूलना
- अपच, गैस, क़ब्ज़ या अनियमित मल
- वज़न व मनोदशा में परिवर्तन, बाल झड़ना (थायरॉइड)
जाँच के बिना अनुमान न लगाएँ — रक्त-शर्करा, रक्तचाप व थायरॉइड की जाँच सरल व सुलभ है। परामर्श में उपलब्ध रिपोर्ट साथ लाएँ।
आरोग्यम् में उपचार कैसे होता है
परामर्श में आपकी दिनचर्या का पूरा चित्र देखा जाता है — जागने-सोने का समय, भोजन का समय व स्वरूप, बैठे रहने के घंटे, तनाव तथा उपलब्ध जाँच-रिपोर्ट।
आहार-योजना
एम.एससी. (खाद्य पोषण) योग्यता के अनुसार वैयक्तिक आहार-योजना — आपके घर के सामान्य भोजन से बनी, न कि महँगे सप्लीमेंट या विदेशी खाद्य-पदार्थों से। लक्ष्य वह परिवर्तन है जिसे आप वर्षों निभा सकें।
योग चिकित्सा
रक्तचाप में शीतल व शिथिल करने वाले अभ्यास, मधुमेह में पेट के अंगों को सक्रिय करने वाली क्रियाएँ, तथा मोटापे में क्रमिक रूप से बढ़ती गतिविधि। प्रत्येक के लिए घर की योजना दी जाती है।
प्राणायाम व तनाव-प्रबंधन
तनाव रक्तचाप, रक्त-शर्करा व नींद तीनों को प्रभावित करता है। अनुलोम-विलोम, भ्रामरी व शिथिलीकरण नियमित अभ्यास का भाग बनाए जाते हैं।
दवा जारी रखें
मधुमेह, रक्तचाप या थायरॉइड की दवा अपने आप कभी बंद न करें। नियंत्रण सुधरने पर मात्रा बदलने का निर्णय आपकी जाँच-रिपोर्ट देखकर आपके चिकित्सक का होगा।
उपचार में प्रयुक्त पद्धतियाँ
